बाराबंकी के अस्करी नगर में स्थित अस्करी हाल में रमज़ान के दूसरे रविवार को नूर इस्लामिक मिशन के द्वारा आयोजित प्रोग्राम दीन और हम, का समापन हुआ जिसमें ईरान से आए अलमुस्तफ़ा यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट मौलाना अली अब्बास ख़ान नें लोगों के सवालों के जवाब दिये और लेक्चर भी दिया। मौलाना नें कहा कि अगर ख़ुदा को पहचानना है तो पहले इन्सान अपने नफ़्स को पाक करे, अल्लाह नें दीन को बनाया है और उसे नबियों के माध्यम से हम तक पहुँतचाया है। आज हमारे दीन में बहुत सी चीज़ें घुल मिल गई हैं। हमें चाहिये कि अपनी अक़्ल से दीन की खोज करें और उस पर चलें। मौलाना नें कहा कि रमज़ानुल मुबारक एक पाक महीना है जिसमें अल्लाह अपनी रहमतें अपने ख़ास बंदों पर नाज़िल करता है और इस महीने में इन्सान अल्लाह का मेहमान होता है। हम इस महीने की बरकत की वजह से अल्लाह से क़रीब हो सकते हैं इसलिये हमें चाहिये कि सच्चे दिल से अल्लाह की इबादत करें और बुराइयों से बचें।इस अवसर पर अस्करी हाल में बड़ी संख्या में औरतों, बच्चों, और बूढ़ों नें भाग लिया। विशेष रूप से इमामे जुमा मौलाना मोहम्मद रज़ा ज़ैदपूरी और मौलाना सय्यद इब्ने अब्बास उपस्थित थे। प्रोग्राम के अन्त में आये सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया गया।
21 जुलाई 2013 - 19:30
समाचार कोड: 443790
बाराबंकी के अस्करी नगर में स्थित अस्करी हाल में रमज़ान के दूसरे रविवार को नूर इस्लामिक मिशन के द्वारा आयोजित प्रोग्राम दीन और हम, का समापन हुआ जिसमें ईरान से आए अलमुस्तफ़ा यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट मौलाना अली अब्बास ख़ान नें लोगों के सवालों के जवाब दिये और लेक्चर भी दिया